एक्ट्रेस की गलती: पर्ल वी पुरी के सपोर्ट में दिव्या खोसला कुमार आदेश भूलीं, कथित रेप पीड़िता की पहचान बता दी

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एक्ट्रेस की गलती: पर्ल वी पुरी के सपोर्ट में दिव्या खोसला कुमार आदेश भूलीं, कथित रेप पीड़िता की पहचान बता दी

एक घंटा पहले

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पर्ल वी पुरी पर नाबालिग से दुष्कर्म का आरोप लगा है। इस मामले में वे वालिव पुलिस की कस्टडी में हैं। लेकिन इस बीच उनकी बिरादरी के लोग उनके बचाव में कुछ नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं। पर्ल के सपोर्ट में पहले एकता कपूर ने पीड़ित की मां से हुई बातचीत का ऑडियो सार्वजनिक किया था। और अब उनके साथ म्यूजिक वीडियो में काम कर चुकीं दिव्या खोसला कुमार ने पीड़ित के माता-पिता की पहचान सार्वजनिक कर दी है।

सुप्रीम कोर्ट के जजमेंट के मुताबिक कोई भी व्यक्ति प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक या सोशल मीडिया आदि किसी भी प्लेटफॉर्म से रेप विक्टिम की पहचान जाहिर नहीं कर सकता और न ही ऐसी कोई जानकारी जिससे पीड़ित को पहचाने जाने की संभावना या रास्ता बनता हो।

दिव्या ने लम्बी पोस्ट में पीड़ित के पैरेंट्स के रिश्ते पर भी लिखा
कारण चाहे जो हो, लेकिन फिलहाल पर्ल वी पुरी के केस में कोई फैसला नहीं हुआ है। इसलिए वे रेप के आरोपी हैं। दिल्ली गैंग रेप पीड़िता के केस के समय कानून के मुताबिक पीड़िता की पहचान या उससे जुड़ी कोई भी जानकारी उजागर नहीं की जा सकती है। लेकिन दिव्या खोसला कुमार ने पीड़ित के पिता और मां के नाम के साथ-साथ उनकी फोटो भी सोशल मीडिया पर पोस्ट की है।

  • दिव्या ने लिखा है- हैरान करने वाला और शर्मनाक काम। मैं इनके बारे में आपको बताती हूं। यह महिला एक्ट्रेस है। यह वही शख्स है जिसने पर्ल पर 2 साल पहले टीवी शो के सेट पर अपनी 5 साल की बेटी से छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। इन दोनों का बेटी की कस्टडी को लेकर विवाद चल रहा है। और दो साल से बेटी अपने पिता के साथ है। इसलिए वह अपनी पत्नी पर आरोप लगा रहा है कि उसकी बेटी उसके साथ सेफ नहीं है, वह सेट पर लेकर जाती थी, जहां पर्ल ने उसके साथ गलत काम किया। मुझे लगता है इस आदमी को फिल्मफेयर का बेस्ट स्क्रीनप्ले अवॉर्ड दिया जाना चाहिए।
  • अब पुलिस ने पर्ल को अरेस्ट कर लिया है। मैं जानना चाहती हूं कि क्यों पुलिस ने 2019 में उसे अरेस्ट नहीं किया जब यह केस फाइल किया गया था। शिकायत में कारण बताया है कि बच्ची को तब छेड़छाड़ का शिकार होना पड़ा जब वह अपनी मां के साथ थी। पर्ल का नाम एफआईआर में कहीं नहीं था। मैंने वह एफआईआर खुद पढ़ी है, जब पर्ल की मां ने मुझसे मदद मांगते हुए उसे कल मुझे भेजा था।
  • एकता कपूर के साथ अपनी बातचीत में पीड़ित की मां ने स्पष्ट कहा है कि उसका पति दिमागी रूप से ठीक नहीं है। वह उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करता रहा है। उसके पास इसके कई सुबूत भी हैं। उसने कहा है कि पर्ल बेगुनाह है और सेट पर ऐसा कुछ नहीं हुआ था। मेड ने भी यही बयान दिया था। बच्ची खुश थी। 5 साल की बच्ची 10 दिन बाद पिता बच्ची को स्कूल के बाद ले जाता है और केस करता है। तब न तो उसने न उसके पिता ने पर्ल का नाम लिया। दो साल बाद जब वह 7 साल की हो गई तो उसने आरोपी को पहचान लिया। महिला ने बताया था कि बच्ची को उसका पिता टॉर्चर करता है। मीटू का बहुत ही गलत यूज हो रहा है। पर्ल का करियर प्रभावित हुआ है, क्या उसे कोई काम देगा।
  • शर्मनाक, अपने फायदे के लिए बच्ची का यूज करना और दूसरे की जिंदगी बर्बाद करना। उस महिला को भी शर्म आनी चाहिए कि वह मीडिया के सामने आकर सच नहीं बोल रही है। मानवता को शर्म आनी चाहिए, मैं सबसे अपील करती हूं पर्ल का सपोर्ट करें। मैं तब तक चुप नहीं बैठूंगी जब तक पीड़ित के मां-बाप मीडिया के सामने आकर सच नहीं कहते। हम किसी के साथ यह बर्बादी कैसे देख सकते हैं। मैंने खुद देखा है पर्ल महिलाओं की कितनी इज्जत करता है। हमारे काम में हर विभाग में महिलाएं थीं। किसी को कभी लगा कि ये आदमी परवर्ट है-नहीं। वह अच्छे संस्कारों वाला इंसान है। सच जीतेगा।

दो साल की सजा का है प्रावधान
दरअसल, बलात्कार की शिकार लड़की या महिला का नाम प्रचारित-प्रकाशित करने और उसके नाम को ज्ञात बनाने से संबंधित कोई अन्य मामला आईपीसी की धारा 228 ए के तहत अपराध है। आईपीसी की धारा 376, 376ए, 376बी, 376सी, 376डी, 376जी के तहत केस की पीड़िता का नाम प्रिंट या पब्लिश करने पर दो साल तक की कैद और जुर्माना हो सकता है। कानून के तहत बलात्‍कार पीड़िता के निवास, परिजनों, दोस्‍तों, विश्‍वविद्यालय या उससे जुड़े अन्‍य विवरण को भी उजागर नहीं किया जा सकता।

(चूंकि इस केस में पीड़ित नाबालिग है इसलिए दिव्या की पोस्ट को एडिट करके पीड़ित के पैरेंट्स का नाम और पहचान हमने हटा दिया है।)

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