‘दाग द फायर’ के एक्टर का खुलासा: सिंगल पिता बन बेटे की परवरिश कर रहे 52 साल के चंद्रचूड़ सिंह, बोले- पैरेंटिंग सबसे मुश्किल कामों में से एक है

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'दाग द फायर' के एक्टर का खुलासा: सिंगल पिता बन बेटे की परवरिश कर रहे 52 साल के चंद्रचूड़ सिंह, बोले- पैरेंटिंग सबसे मुश्किल कामों में से एक है

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6 घंटे पहले

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‘दाग : द फायर’ (1999) और ‘जोश’ (2000) जैसी फिल्मों के अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह सिंह ने खुलासा किया है कि वे बतौर सिंगल पिता अपने बेटे श्रांजय सिंह की परवरिश कर रहे हैं। दरअसल, 52 साल के चंद्रचूड़ के फिल्मी करियर को देखें तो इसमें काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिलते हैं। 2002 के बाद तो जैसे वे एंटरटेनमेंट इंडस्ट्री से गायब से हो गए। कभी कभी वे तीन तो कभी चार साल का ब्रेक ले-लेकर फिल्मों में लौटे। चंद्रचूड़ की मानें तो इस अवधि के दौरान वे अपने बच्चे की परवरिश पर ध्यान दे रहे थे।

ज्यादातर पिता के रूप में व्यस्त रहा
ई-टाइम्स से बातचीत में चंद्रचूड़ ने कहा, “मैं सिंगल पिता हूं। इसलिए मेरा ज्यादातर समय वहां लग गया। मैं व्यवहारिक हूं और मुझे होना भी चाहिए। इसलिए ज्यादातर समय मैं पिता के रूप में व्यस्त रहा।” जब चंद्रचूड़ सिंह से पूछा गया कि वे एक पिता के रूप में खुद को कैसा पाते हैं? तो उन्होंने कहा कि इसका सही जवाब उनका बेटा ही दे सकता है।

वे कहते हैं, “मुझे नहीं पता। मुझे लगता है कि इस सवाल का जवाब देने के लिए सही शख्स मेरा बेटा है। मेरा मानना है कि मैं पैरेंटिंग सीखता रहता हूं। मुझे लगता है कि यह सबसे मुश्किल कामों में से एक है। आप गलतियां करते हैं, आपके खूबसूरत लम्हे होते हैं, आप सीखते रहते हैं और बेहतर बनने की कोशिश करते हैं।”

1999 में हुई थी चंद्रचूड़ सिंह की शादी
चंद्रचूड़ सिंह ने मई 1999 में अवंतिका मनकोटिया ने शादी की थी। कांगरा, हिमाचल प्रदेश से ताल्लुक रखने वाली अवंतिका होटलर और राजनेता ठाकुर अजय सिंह की बेटी हैं। चूंकि चंद्रचूड़ लाइमलाइट से दूर रहना पसंद करते हैं। इसलिए अभी तक यह बात सामने नहीं आई है कि आखिर उनके और अवंतिका के रिश्ते में ऐसा क्या हुआ कि उन्हें बतौर सिंगल पिता बेटे की परवरिश करनी पड़ रही है।

1996 में फिल्मों में डेब्यू किया था
चंद्रचूड़ के करियर की बात करें तो चंद्रचूड़ ने 1996 में फिल्म ‘तेरे मेरे सपने’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था, जिसके लिए उन्हें बेस्ट डेब्यू एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड भी मिला था। ‘तेरे मेरे सपने’, ‘दाग द फायर’ और ‘जोश’ के अलावा उनकी अन्य पॉपुलर फिल्मों में ‘माचिस’ (1996), ‘क्या कहना’ (2000), ‘आमदनी अठन्नी खर्चा रुपैया’ (2001), ‘जिला गाजियाबाद’ (2013) और ‘आ गया हीरो’ (2017) शामिल हैं। पिछले साल सुष्मिता सेन स्टारर वेब सीरीज ‘आर्या’ से उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर डेब्यू किया था।

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