पासपोर्ट नवीनीकरण का मामला: बॉम्बे हाई कोर्ट ने कंगना से कहा- भारतीय पासपोर्ट प्राधिकरण को बिना पार्टी बनाए उसके खिलाफ निर्देश मांग रही हैं, पहले आवेदन स्पष्ट करें

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पासपोर्ट नवीनीकरण का मामला: बॉम्बे हाई कोर्ट ने कंगना से कहा- भारतीय पासपोर्ट प्राधिकरण को बिना पार्टी बनाए उसके खिलाफ निर्देश मांग रही हैं, पहले आवेदन स्पष्ट करें

2 घंटे पहले

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कंगना रनोट का पासपोर्ट 15 सितंबर को एक्सपायर हो रहा है। ऐसे में जब उन्होंने पासपोर्ट अथॉरिटी को इसे रिन्यू करने के लिए आवेदन दिया तो विभाग ने उनके खिलाफ बांद्रा पुलिस स्टेशन में दर्ज देशद्रोह के मामले को लेकर रिन्यू करने में आपत्ति ली थी, इसके विरोध में कंगना ने बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका लगाई थी। मंगलवार को जस्टिस पीबी वराले और एसपी तावड़े की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई की।

आपका आवदेन अस्पष्ट है-बॉम्बे हाई कोर्ट
बेंच ने कंगना के वकील से कहा- “कौन सा सक्षम प्राधिकारी है, जिसने आपको मना कर दिया? आप भारतीय पासपोर्ट प्राधिकरण को एक पक्ष बनाए बिना उसके खिलाफ निर्देश मांग रही हैं? यह सब मौखिक है। पासपोर्ट का नवीनीकरण पासपोर्ट प्राधिकरण का व्यवसाय है, पीएसआई का नहीं। एक पुलिस स्टेशन को एक आवेदन दिया गया था, और आपने इसके खिलाफ अदालत का दरवाजा खटखटाया है।”

कंगना की ओर से उनका पक्ष एडवोकेट रिजवान सिद्दीकी रख रहे थे। उन्होंने कहा था कि जब कंगना अपने पासपोर्ट नवीनीकरण के लिए फॉर्म भरने गई थीं, तो उनसे कहा गया था कि देशद्रोह की एफआईआर एक समस्या होगी। बेंच ने कहा कि वह किसी पक्ष द्वारा केवल मौखिक प्रस्तुतीकरण पर कोई आदेश पारित नहीं कर सकती है।

कंगना ने फिल्म की शूटिंग का हवाला दिया था
इसके पहले दायर की गई याचिका में कंगना ने 15 जून से अगस्त तक अपनी फिल्म धाकड़ की शूटिंग विदेश में होने का हवाला दिया था। जब कोर्ट ने एक हफ्ते बाद सुनवाई की तारीख दी तो कंगना के वकील ने इसे जल्दी करने की मांग की। इस पर बेंच ने कहा-वह केवल फिल्म है, शेड्यूल बदला जा सकता है, वैसे भी आवेदन अस्पष्ट है। अगर वे चाहती हैं तो कोर्ट में एडवांस में ही सारी डीटेल के साथ संपर्क करें। यह महज हफ्ते भर की बात है। फिल्म प्रोडक्शन एक साल बाद भी शूट कर सकता है। 25 जून सबसे निकट की डेट है।

कोर्ट ने कंगना के वकील से आवेदन में संशोधन करने कहा और पासपोर्ट प्राधिकरण को पार्टी बनाने, कंगना की बहन रंगोली का नाम आवेदन से हटाने जैसे कुछ संशोधन करने का निर्देश दिया है।

क्या कहता है पासपोर्ट नवीनीकरण के संबंध में कानून
अक्टूबर 2020 में कर्नाटक हाईकोर्ट ने एक केस का फैसला देते हुए कहा था कि पासपोर्ट एक्ट की धारा 6 (2) (एफ) तहत पासपोर्ट प्राधिकरण उस व्यक्ति को नया पासपोर्ट जारी करने से इनकार कर सकता है जिसके खिलाफ भारत में आपराधिक मामला लंबित है। लेकिन यह उन मामलों में लागू नहीं होगा जहां आवेदक अपने पासपोर्ट के नवीनीकरण की मांग कर रहा हो। कंगना अगर बॉम्बे हाई कोर्ट में याचिका न भी लगातीं तो इस नियम के तहत उनका पासपोर्ट रिन्यू हो जाता।

अक्टूबर 2020 में दर्ज हुई थी शिकायत
गौरतलब है कि कंगना और रंगोली के खिलाफ 17 अक्टूबर को बांद्रा पुलिस ने मुन्नावराली सैय्यद की शिकायत पर IPC की धारा 153ए (विभिन्न धार्मिक समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), 295ए (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना), 124ए (देशद्रोह) और 34 (साजिश) के तहत मामला दर्ज किया है। बाद में कंगना ने पुलिस द्वारा दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने और मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द करने की मांग की थी।

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