देश में आ गया है corona का “Triple mutants” वैरिएंट

0
275
देश में आ गया है corona का
देश में आ गया है corona का "ट्रिपल म्यूटेंट" वैरिएंट

देश में corona वायरस रुकने का नाम ही नहीं ले रहा है. दिन प्रतिदिन स्थिति बिगड़ती जा रही है. बढ़ते मरीजों के कारण स्वास्थ्य सुविधाओं का भी बुरा हाल है. पिछले 24 घंटे में ढाई लाख से ज्यादा मामले सामने आए हैं.

Also read: लखनऊ पहुंचे तीन Oxygen Tank, कोरोना मरीजों को राह

corona की ट्रिपल म्यूटेंट

इसी बीच देश में ट्रिपल म्यूटेंट की भी खबर आ रही है. एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि देश के कुछ हिस्सों में ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट पाया गया है. जिसने कोरोना संक्रमण को अचनाक से बढ़ दिया है.  विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रिपल म्यूटेंट की वजह से कोरोना की दूसरी लहर बढ़ती जा रही है और इसका पीक अभी बाकी है.

Also read: वैक्सीन के ट्रायल की ‘Johnson & johnson’ ने भारत सरकार से मांगी इजाजत

क्या है Corona का ट्रिपल म्यूटेंट?

अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, डबल म्यूटेंट वैरिएंट में एक और म्यूटेशन होने से इसके ट्रिपल म्यूटेंट में बदलने की जानकारी स्वास्थ्य मंत्रालय को दी गई है. कोरोना के डबल म्यूटेंट वैरिएंट की स्पाइक प्रोटीन में तीसरा म्यूटेशन हुआ है. दिल्ली, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ से लिए गए सैंपल में नया म्यूटेशन होते देखा गया है. इन राज्यों से लिए गए 17 सैंपल में ऐसा देखा गया है. ये वो राज्य हैं जहां कोरोना की दूसरी लहर भीषण कहर बरपा रही है, यहां कोरोना के मामले तेजी से बढ़े हैं. माना जा रहा है कि डबल म्यूटेशन वैरिएंट के कारण ही रफ्तार इतनी बढ़ी है और अब ट्रिपल म्यूटेंट वैरिएंट का पता चलने के बाद डर और बढ़ गया है.

Also read:#ThisIsTata: Ratan Tata ने ऑक्सीजन सप्लाई के लिए उठाया बड़ा कदम

म्यूटेशन से जुड़े संक्रमण के बारे में सही जानकारी

केंद्र ने राज्यों से  अपील की है कि कोरोना संक्रमित सैंपल्स को रैंडमली जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा जाना चाहिए. ऐसा नहीं होने पर म्यूटेशन से जुड़े संक्रमण के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाएगी. केंद्र ने राज्यों से अपील की है कि कोरोना संक्रमित सैंपल्स को रैंडमली जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए भेजा जाना चाहिए. ऐसा नहीं होने पर म्यूटेशन से जुड़े संक्रमण के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाएगी.

Also read: Bengal Election: एक साथ कराए जा सकते हैं अंतिम दो चरणों के मतदान

वैज्ञानिक तौर पर नाम 

कोरोना की ट्रिपल म्युटेशन को वैज्ञानिक तौर पर B.1.617 नाम दिया गया है. ये बेहद खतरनाक है. इसमें दो तरह के म्यूटेशंस हैं- E484Q और L452R म्यूटेशन. ये वायरस खुद को इसलिए बदल ते है ताकि लंबे वक्त तक प्रभावी रह सकें। ताकि उनका अंत न हो सके. दो तरह के म्यूटेशन के कारण ही इस वायरस को बेहद घातक माना जा रहा है.

Also read:एक्ट्रेस Sanjjanaa Galrani हुई कोरोना पॉजिटिव

 

कोई जवाब दें

कृपया अपनी टिप्पणी दर्ज करें!
कृपया अपना नाम यहाँ दर्ज करें